12/01/2018 11:06:00 pm
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1.  चोकला  भेड़ (Chokla Sheep) -

अन्य नाम (Other names)- छापर, शेखावटी व राता मुंडा (Chhaper, Shekhawati and Raata Munda.)

स्थान (Location)- नागौर, सीकर, चूरू (Nagaur, Sikar, Churu)

 

प्रजनन भूभाग (Breeding Tract) - 

चुरू, नागौर, सीकर और जिलों के संगम पर एक सीमित क्षेत्र।  
A limited area at the juncture of Churu, Nagaur, and Sikar districts.

 

मुख्य उपयोगिता (Main Use) - ऊन व मांस Wool, Meat

 

उद्गम (Origin)- 

शेखावटी और छापर का नाम इसके वितरण क्षेत्र शेखावटी व छापर के नाम से लिया गया है जबकि राता मुंडा 😡 नाम काले भूरे रंग के चेहरे आधार पर है।  
(The name Shekhawati and Chhappar are derived from the name of its distribution area whereas Raata munda stands for dark brown coloured face.)

रंग (Colour) - 

इसका रंग श्वेत होता है। इसके चेहरे का रंग लाल (राता मुंडा) होता है और यह रंग गर्दन तक हो सकता है। (The coat colour is white. The face colour is dark brown (Raata Munda), and the colour may extend upto middle of neck.)


सींग की आकृति और आकार (Horns Shape and Size)-  सींग रहित (Both Polled)


विशेषताएँ Characteristics - 

ये हल्के से मध्यम आकार के पशु हैं, इनके चेहरे आमतौर पर ऊन से रहित होते है। इनके कान लघु से मध्यम (9-11 सेमी) और ट्यूबलर होते हैं। इस भेड़ का कोट घना और अपेक्षाकृत अच्छा होता है। चोकला नस्ल में कालीन बनाने के लिए उपयुक्त अच्छी गुणवत्ता का ऊन उत्पादन की अनूठी विशेषता होती है। अकाल व सूखे के दौरान क्षेत्र की विकट स्थितियों के तहत दुर्लभ चारा संसाधनों पर जिन्दा रहने की चोकला नस्ल के भौतिक वातावरण की एक नियमित विशेषता होती है। 

Light to medium sized animals, face is generally devoid of wool. Ears are small to medium in length (9-11cm) and tubular. Coat is dense and relatively fine. Chokla breed has the unique characteristics of fine carpet quality fleece production and survival on scarce fodder resources under field conditions during drought – a regular feature of physical environment of Chokla breeding tract.

 

2. Jaisalmeri Sheep-

प्रजनन भूभाग (Breeding Tract) - बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर जिला (District Barmer, Bikaner, Jaisalmer, Jodhpur)


मुख्य उपयोगिता (Main Use) -   ऊन; मांस (Wool; Meat)


रंग Colour - चेहरा काला या गहरा भूरा होता है, यह रंग गर्दन तक फैला हुआ होता है। Face is black or dark brown, the colour extends up to the neck.


सींगों की आकृति व आकार (Horns Shape and Size)-  सींग रहित (Both polled.)


दृश्यमान लक्षण (Visible Characteristics) -  

ये पशु काफी मज़बूत और लंबे होते हैं। इनके पैर लंबे होते हैं। इनका सामान्य रोमन नाक से युक्त सिर बड़ा होता है। इसके कान नरम उपास्थि युक्त लम्बे व लटकते हुए होते हैं। 
The animals are fairly well built and tall. Legs are long. Head is big with typical Roman nose. Long drooping ears, generally with a cartilaginous appendage.

 

3. मगरा भेड़ (Magra Sheep)-

अन्य नाम (Other names)-

मगरेती, बीकानेरी चोकला, राता चकरिया, चकरी, बूची कान और देसी (Magreti, Bikaneri Chokhla, Raata chakriya, Chakri, Boochie kan and Desi)


प्रजनन भूभाग (Breeding Tract) - बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, उदयपुर (Banswara, Chittorgarh, Dungarpur, Udaipur)



मुख्य उपयोगिता (Main Use) - फाइबर - ऊन; भोजन - मांस  (Fibre - Wool; Food - Meat)


रंग (Colour)-   सफेद। आंखों के चारों ओर भूरे रंग के पैच के साथ
सफेद चेहरा। त्वचा का रंग गुलाबी। White. Face is white with brown patches around the eyes. Skin colour is pink.

सींगों की आकृति व आकार (Horns Shape and Size)-  सींग रहित (Both polled.)

 

दृश्यमान लक्षण (Visible Characteristics) - 

कान कठोर या छोटे और ट्यूबलर होते हैं। इनकी ऊन कालीन बनाने के लिए मध्यम गुणवत्ता वाली, अत्यंत श्वेत, चमकदार होती है किन्तु बहुत घनी नहीं होती है।  
Ears are stumpy or small and tubular. Fleece is of medium carpet quality, extremely white and lustrous and not very dense.

4. मालपुरा भेड़ (Malpura Sheep)-

प्रजनन भूभाग (Breeding Tract) - अजमेर, जयपुर, टोंक (Ajmer, Jaipur, Tonk)



मुख्य उपयोगिता (Main Use) - ऊन; मांस (Wool; Meat)


मुख्य उपयोग पर टिप्पणी (Comment on main use)-

इसका ऊन बेहद मोटा होता है एवं कम्बल, नमदा और मोटे कालीन बनाने में किया जाता है। इस भेड़ से अच्छी मात्रा में दूध (400 ग्राम) प्राप्त होता है और जब भेड़ के बच्चे की उम्र के 2-3 महीने की दूध छुड़ाने की हो जाती है, तब तक किसान इससे दूध प्राप्त करते हैं।
Wool is extremely coarse and used for making felts and coarse carpets. Ewes yield good quantity of milk (400 g) and farmers milk them when the lambs are weaned after 2-3 months of age.


उद्गम (Origin)-   

इस नस्ल का यह नाम इनके इलाके-मालपुरा तालुका जिला टौंक से लिया गया है। The name is derived from the home tract -Malpura taluka.
रंग (Colour)-  चेहरा गर्दन तक फैला हुआ हल्का भूरा होता है तथा ऊन सफेद होती है।
Face- colour is light brown extending up to the neck. Fleece is white.

दृश्यमान लक्षण (Visible Characteristics) - 

नाक आम तौर पर रोमन होता है। कान नरम उपास्थि युक्त छोटे व ट्यूबलर होते हैं। ऊन अत्यंत मोटे बालों वाली और खुली होती है। पेट और पैर ऊन से रहित होते हैं।

Nose is typically roman. Ears are short and tubular with a small cartilaginous appendage. Fleece is extremely coarse hairy and open. Belly and legs are devoid of wool.

मालपुरा नस्ल का कोई भी विशेष लक्षण (Any Peculiarity of the breed)-

मालपुरा भारत के उत्तर-पश्चिमी अर्ध-शुष्क क्षेत्र की उत्कृष्ट मांस की नस्ल है।
Malpura is an excellent mutton breed of northwestern semiarid region of India.

5. मारवाड़ी भेड़ (Marwari Sheep)-

प्रजनन भूभाग (Breeding Tract) - 

अजमेर, बाड़मेर, जालौर, जोधपुर, नागौर, पाली (Ajmer, Barmer, Jalore, Jodhpur, Nagaur, Pali)


मुख्य उपयोगिता (Main Use) - ऊन; मांस (Wool; Meat)



वातावरण के साथ अनुकूलन (Adaptability to Environment)- 

मारवाड़ी भेड़ शुष्क जलवायु के लिए अच्छी अनुकूलनीय होती हैं। ये चराई के लिए लंबी दूरी तक चल सकती हैं।
Marwari Sheep are quite hardy and adaptable to arid climate. They can walk long distances for gazing.


रंग (Colour)-  

इनका मुंह सामान्यतः काला होता है और यह रंग गर्दन के निचले भाग तक फैला होता है। इनकी ऊन सफेद होती है।
Face is typically black and the colour extends up to lower part of neck. Fleece is white.

दृश्यमान लक्षण (Visible Characteristics) -

कान ट्यूबलर एवं आकार में बहुत छोटे होते हैं। नाक सीधा सपाट और नीचे लंबा पतला होता है। ऊन सफेद और बहुत घना नहीं होती है।
Ears are tubular and extremely small in size. Nose is straight, flat and tapering. Fleece is white and not very dense.


प्रबंधन स्थितियों पर टिप्पणी (Comment on Management Conditions)- 

मारवाड़ी भेड़ों के झुंड छह महीने की अवधि के लिए प्रवासन पर जाते हैं। Flocks of Marwari sheep go on migration for a period of six months.

6. नाली भेड़ (Nali Sheep)-

प्रजनन भूभाग (Breeding Tract) -  

हिसार (हरियाणा), गंगानगर, झुंझुनू, चुरू (Hisar (Haryana), Ganganagar, Jhunjhunu, Churu)


मुख्य उपयोगिता (Main Use) - ऊन; मांस (Wool; Meat)



उद्गम (Origin)-

इसके इस नाम का उद्गम राजस्थान के गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में नाली क्षेत्र से है, जिसमें घग्घर नदी का अधिशेष जल मानसून के दौरान बहता है
It derives its name from the area (Nali) in Ganganagar and Hanumangarh districts of Rajasthan in which surplus waters of river Ghaggar flow during the monsoon rains.

रंग (Colour)- 

इनका रंग सफेद होता है जबकि चेहरा हल्का भूरा होता है, जो गर्दन तक बढ़ा हो सकता है। 
White. Face is light brown which may extend to the neck. 


दृश्यमान लक्षण (Visible Characteristics) -

कान बड़े और पत्तेदार होते हैं। ऊन सफेद, मोटी, घनी, लंबी स्टेपलड होती है। माथा, पेट और पैर ऊन से ढके हुए होते हैं।
Ears are large and leafy. Fleece is white, coarse, dense and long stapled. Forehead, belly and legs are covered with wool.


प्रबंधन स्थितियों पर टिप्पणी (Comment on Management Conditions)-

झुंड आम तौर पर स्थिर रहते हैं लेकिन चरम गर्मी में चराई भूमि की तलाश में अन्य स्थानों पर प्रवास करते हैं। नाली भेड़ रात्रि चराई आदी होती है।
Flocks are stationary but may be migrate in peak summer in search of grazing land. Nali sheep are accustomed to night grazing and stubble grazing.

7. पूगल भेड़ (Pugal Sheep)-

अन्य नाम (Other names)- राताना (Rataanaa)



प्रजनन भूभाग (Breeding Tract) - बीकानेर (Bikaner)



प्रजनन भूभाग पर टिप्पणी  (Comment on Breeding Tract)-

The true to the breed animals are found in Khajuwala, Tanwarwala, Jaggasar, Mansar, Sinduka and Ranasar area of Bikaner district.


मुख्य उपयोगिता (Main Use) -    ऊन; मांस (Wool; Meat)

उद्गम (Origin)-

इस भेड़ के पूगल नाम का उद्गम इसका आवासीय भूभाग के राजस्थान के बीकानेर जिले के पूगल क्षेत्र में के होने के कारण से है। Breed is known after the name of its home tract i.e. Pugal area of Bikaner district.

रंग (Colour)-

इसकी ऊन का रंग सफेद से हल्के भूरे रंग तक बदलता है। इसका मुँह काले रंग का होता है तथा मुँह पर आंखों के ऊपर दोनों तरफ हल्के भूरे रंग की छोटी धारियाँ होती है।
Fleece colour varies from white to light brown. Face is black with small light brown strips on either side above the eyes. Lower jaw is typically light brown.


दृश्यमान लक्षण (Visible Characteristics) -

इसके कान छोटे और ट्यूबलर होते हैं। ऊन सफेद व कालीन बनाने के लिए मध्यम गुणवत्ता वाली होती है, जो ज्यादा घनी नहीं होती है।
Ears are short and tubular. White fleece of medium carpet quality and not very dense.

प्रबंधन स्थितियों पर टिप्पणियां (Comments on Management Conditions)-

अधिकांश झुंड एक ही स्थान पर रहते हैं। इनके झुंड गर्मियों में राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में जाती हैं। आमतौर पर गर्मियों के महीनों में इनकी रात के दौरान भी चराई होती है।
Most flocks are stationery. In summer, the flocks move to south-eastern parts of Rajasthan. Grazing during night in summer months is common.

8. सोनाड़ी भेड़ (Sonadi Sheep)-

अन्य नाम-    देसी, लापडी, भागली (Desi, Laapdi, Bhagli)



प्रजनन भूभाग (Breeding Tract) - बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, उदयपुर (Banswara, Chittorgarh, Dungarpur, Udaipur)



प्रजनन भूभाग पर टिप्पणी - राजस्थान का मेवाड़ क्षेत्र (Mewar region of Rajasthan)

मुख्य उपयोगिता (Main Use) -   ऊन; मांस (Wool; Meat)

उद्गम (Origin)-

सोनाडी का नाम का अर्थ सुनहरे रेशे है। देसी का अर्थ है- स्वदेशी अर्थात जो स्थानीय क्षेत्र के मूल निवासी हैं, लापडी का अर्थ है लंबे और सपाट कान वाला तथा भागली का अर्थ भाग्यशाली से है, क्योंकि यह भेड़ के किसानों की आजीविका में योगदान देता है।
The name Sonadi means one with golden fibres. Desi means indigenous that is native to the local area, laapdi means long and flat eared and Bhagli means the lucky one as it contributes to the livelihood of the sheep farmers.

रंग (Colour)-

सिर का रंग हल्का भूरा या सफेद होता है। सफेद, खुली और मोटी ऊन से ढका हुआ शरीर होता है। चेहरा, पेट और पैर ऊन से रहित होता है।
The face colour is light brown or white. Body is covered with white, open and coarse fleece. Face, belly and legs are devoid of wool. 


दृश्यमान लक्षण (Visible Characteristics) -

कान लंबे (16-17cm), सपाट और लटकते हुए होते हैं। ऊन अत्यंत मोटी, रोएंदार एवं सफेद होती है। पेट तथा पैर ऊन रहित होते हैं।
Ears are long (16-17cm), flat and drooping. White fleece, exteremely coarse and hairy. Belly and legs are devoid of wool.

प्रबंधन स्थितियों पर टिप्पणियां (Comments on Management Conditions)-

गर्मियों में पानी और भोजन की खोज में स्थानीय प्रवासन। Local migration in summer in search of water and feed.


Source of the article - Animal Genetic Resources Portal, India

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