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राजस्थान को बेस्ट हैरिटेज डेस्टिनेशन  कैटेगरी में राव जोधा डेजर्ट रॉक पार्क, जोधपुर के लिए अवार्ड’’



नई दिल्ली, 25 फरवरी। राजस्थान के पर्यटन मंत्री श्री विश्वेन्द्र सिंह ने सोमवार को नई दिल्ली के होटल ताज महल में एक प्रतिष्ठित मैगज़ीन समूह द्वारा आयोजित पर्यटन अवार्ड समारोह में राजस्थान को ’बेस्ट हैरिटेज डेस्टिनेशन’ कैटेगरी में ’राव जोधा डेजर्ट रॉक पार्क, जोधपुर’ के लिए प्रदत्त अवार्ड ग्रहण किया।’ 


थेवा कलाकार प्रतापगढ़ के पद्मश्री महेश राज सोनी का निधन

प्रतापगढ़ के पद्मश्री महेश राज सोनी का निधन जयपुर में ह्रदय गति रुकने से हो गया। 12 अगस्त 1954 को जन्मे महेश राज सोनी को थेवा कला क्षेत्र में 8 अप्रेल 2015 को पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त हुआ। देश-दुनिया में प्रतापगढ़ की थेवा कला के लोग कायल है। इस कला को ख्याति दिलाने वाले स्थानीय राजसोनी परिवार के ही पद्मश्री महेशराज सोनी इस उम्र में भी थेवा कला के प्रति अपने प्रेम के चलते कार्यरत थे। इस कला का काम पूरी दुनिया में कहीं होता है तो वह राजस्थान के प्रतापगढ़ में ही। महेशराज सोनी को पद्मश्री के अलावा भी कई बड़े पुरस्कारों से नवाजा हैं।

सोनी की अन्य उपलब्धियां : 


श्री राजसोनी ने पद्मश्री सम्मान के अलावा प्रतापगढ़ को थेवा कला में 8 बार राष्ट्रपति पुरस्कार, एक बार शिल्प गुरु अवार्ड, तीन बार अंतरराष्ट्रीय यूनेस्को अवार्ड दिलवाया है। थेवा कला का वर्णन लंदन की इन्साइक्लोपीडिया ऑफ ब्रिटेनिका और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज है। इसे भारत सरकार ने भौगोलिक उपदर्शन रजिस्ट्रीकरण और संरक्षण अधिनियम 1999 के तहत ज्योग्राफिकल इंडिकेशन संख्या का प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया है। महेशराज सोनी राजस्थान थेवा कला संस्थान के प्रदेश उपाध्यक्ष भी थे।

लंदन का भारत गौरव अवार्ड :


महेशराज सोनी को लंदन में ब्रिटिश पार्लियामेंट के हाउस ऑफ कॉमन्स मे एक विशेष कार्यक्रम में विश्व में भारतीय कला का नाम रोशन करने और व्यक्तिगत विशिष्ठ उपलब्धि के लिए भी सम्मान भी मिल चुका है। महेशराज सोनी को लंदन में भारत गौरव अवार्ड दिया था।

शूटिंग वर्ल्ड कप में वर्ल्ड रेकॉर्ड के साथ अपूर्वी चंदेला ने जीता स्वर्ण

भारत की स्टार निशानेबाज अपूर्वी चंदेला ने नई दिल्ली में हुए शूटिंग वर्ल्ड कप में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। अपूर्वी ने फाइनल में 252.9 अंक हासिल किए जो एक वर्ल्ड रेकॉर्ड भी है। इसके साथ ही वह अंजलि भागवत के बाद महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की दूसरी महिला निशानेबाज बन गई हैं।
यह चंदेला का वर्ल्ड कप में तीसरा मेडल है। उन्होंने इससे पहले 2015 में चैंगवोन में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में सिल्वर मेडल जीता था। 2014 में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड और 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। 2018 के जर्काता एशियन गेम्स में उन्होंने रवि कुमार के साथ मिलकर मिक्स्ड टीम इवेंट में 10 मीटर एयर राइफल में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
पिछले साल सितंबर में उन्होंने और अंजुम मोद्गिल ने 2020 तोक्यो ओलिंपिक के लिए निशानेबाजी का कोटा हासिल किया था। इसमें वे क्रमश: चौथे और दूसरे स्थान पर रही थीं। किसी भी इवेंट में अधिकतम दो ओलिंपिक कोटा हासिल किए जा सकते हैं। भारत ने इस इवेंट के अपने दोनों कोटा हासिल कर लिए हैं। हालांकि ओलिंपिक में भारत के पास किसी अन्य निशानेबाज को भेजने का भी मौका होगा।

पति द्वारा उपहार में दी गई अचल संपत्ति पर अब स्टाम्प ड्यूटी नहीं-

राजस्थान में महिलाओं को उनके पति द्वारा उपहार में दी जाने वाली अचल संपत्ति के दस्तावेजों के निष्पादन पर अब स्टाम्प ड्यूटी नहीं लगेगी। फिलहाल ऐसे मामले में एक प्रतिशत स्टांप ड्यूटी लगती है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फरवरी में राजस्व से जुडे़ विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक में यह फैसला किया। मौजूदा व्यवस्था के तहत राज्य में पिता, माता, पुत्र, भाई, बहिन, पुत्रवधु, पति, पौत्र, पौत्री, नाती या नातिन के पक्ष में निष्पादित अचल संपत्ति की उपहार डीड पर सम्पत्ति के बाजार मूल्य की ढाई प्रतिशत स्टांप ड्यूटी लगती है। वहीं पत्नी या पुत्री के पक्ष में की जाने वाली अचल संपत्ति की उपहार डीड पर सम्पत्ति के बाजार मूल्य का एक प्रतिशत अथवा अधिकतम एक लाख रुपये (इसमें से जो भी कम हो) स्टांप ड्यूटी लिये जाने का प्रावधान है। गहलोत ने पति द्वारा पत्नी के पक्ष में अचल सम्पत्ति उपहार डीड करने को मुद्रांक शुल्क से मुक्त करने का निर्णय किया।

राजस्थान में आर्थिक पिछडों को 10 प्रतिशत आरक्षण की अधिसूचना-

जयपुर, 20 फरवरी (भाषा) राजस्थान सरकार ने आर्थिक आधार पर पिछड़ों को 10 प्रतिशत आरक्षण की अधिसूचना जारी कर दी है। कार्मिक विभाग की ओर से मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई। इसके साथ ही क्रीमीलेयर की सीमा साढ़े 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने की भी अधिसूचना जारी की गई। अधिसूचना के तहत, नियमों को अधिसूचित कर इसके अनुसार भर्तियों में आरक्षण के लिये इसे लागू किया जायेगा। इस आरक्षण का लाभ सालाना 8 लाख रुपए से कम आय वाले सवर्णों को ही मिलेगा। इसमें सभी स्रोतों से होने वाली कमाई को जोड़ा जाएगा। इस अधिसूचना के अनुसार, पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि, एक हजार वर्ग फुट से बड़े फ्लैट, नगर निगमों में 100 वर्ग गज या इससे बड़े प्लॉट और गैर-अधिसूचित स्थानीय निकायों में 200 वर्ग गज या इससे बड़े प्लॉट वालों को इस आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में लोकसभा में आर्थिक आधार पर पिछड़ों को 10 फ़ीसदी आरक्षण देने संबंधी एक विधेयक पारित कर इसे लागू किया था।

सामाजिक सुरक्षा वृद्धजन कृषक सम्मान पेंशन योजना के नए नियम-

जयपुर, 24 फरवरी (भाषा) राजस्थान सरकार ने सामाजिक सुरक्षा वृद्धजन कृषक सम्मान पेंशन योजना के नियम जारी कर दिए हैं। ये नियम अगले महीने यानी एक मार्च से लागू होंगे। इससे राज्य के बुजुर्ग किसानों को 1000 रुपये तक की मासिक पेंशन मिलने लगेगी।मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य विधानसभा में इस योजना की घोषणा की थी। सरकारी सूत्रों ने बताया कि वृद्धजन कृषक सम्मान पेंशन योजना के तहत राजस्थान के मूल निवासी अथवा राजस्थान में रह रहे 55 वर्ष से अधिक आयु की लघु व सीमान्त महिला कृषक एवं 58 वर्ष से अधिक आयु के पुरूष किसान, जिनकी जीवन निर्वाह के लिए खुद की नियमित आय का कोई स्रोत नहीं हो, को 750 रुपये प्रतिमाह पेंशन के रूप में मिलेंगे। वहीं 75 वर्ष से अधिक आयु के इस श्रेणी के किसानों को 1000 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी। राज्य में करीब 30 लाख लघु व सीमान्त श्रेणी के वृद्धजन किसान हैं जिनमें से करीब 19 लाख किसान पहले ही विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। ऐसे में करीब 11 लाख लघु एवं सीमान्त वृद्धजन कृषक इस नयी योजना का लाभ ले सकेंगे। योजना पर प्रतिवर्ष लगभग 990 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।इस योजना का कार्यान्वयन राज्य का सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग कर रहा है।

राजस्थान में देश के पहले रेलवे टेस्ट ट्रैक के लिए काम शुरू-

जयपुर, 17 फरवरी (भाषा) राजस्थान के नावां शहर में सांभर झील के पास देश के पहले रेलवे टेस्ट ट्रैक के लिए काम शुरू किया जा चुका है। इस पर अनुमानित 353.48 करोड़ रुपये की लागत आएगी।यह देश में नयी ट्रेनों के प्रयोग और परीक्षण का पहला ट्रैक होगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता अभय शर्मा ने भाषा को बताया कि जोधपुर मंडल के नावां में देश का पहला रेलवे ट्रायल ट्रैक बन रहा है। रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। आरडीएसओ भारतीय रेलवे की तकनीकी जरूरतों के लिए काम करने वाला अनुसंधान संगठन है। इस टेस्ट ट्रैक का उपयोग करके कई नए परीक्षण और इसके रोलिंग स्टॉक और इसके घटकों, रेलवे पुलों और भू-तकनीकी क्षेत्र से संबंधित नई तकनीकों का भी परीक्षण संभव होगा। साथ ही इससे रेलवे से संबंधित अनुसंधान परियोजनाओं को शुरू करने और आईआर नेटवर्क पर इन्फ्रास्ट्रक्चर की समस्याओं का समाधान संभव होगा। आरडीएसओ द्वारा इस ट्रैक के निर्माण के बाद भारत उन देशों में शामिल हो जाएगा जिनके पास अपना रेलवे टेस्ट ट्रैक है। अमेरिका, चीन, ऑस्ट्रेलिया, जापान आदि देशों में ट्रायल के लिए टेस्ट ट्रैक का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन हमारे देश में अभी तक मौजूदा रेलवे लाइनों पर ही टेस्ट होता है। रेलवे ने इस टेस्ट ट्रैक के लिए सांभर झील के पास गुढा और मीठड़ी तक का हिस्सा इसलिए चुना है क्योंकि यहां कभी रेल लाइन हुआ करती थी जिसे 1979 में बाढ़ के कारण बंद कर दिया गया। इस जगह का इस्तेमाल ट्रायल और टेस्टिंग ट्रैक के रूप में किया जाएगा। पहले चरण में 25 किलोमीटर और दूसरे चरण में 20 किलोमीटर लंबी लाइन बिछायी जाएगी। इस योजना के लिए 353.18 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यह परियोजना कब पूरी होगी, यह फैसला आरडीएसओ करेगा। आरडीएसओ इसका इस्तेमाल सिर्फ ट्रेन, इंजन और अन्य रेल उपकरणों के प्रयोग तथा परीक्षण के लिए करेगा। योजना से जुड़े कार्य की शुरूआत हो चुकी है और प्रारंभिक प्रक्रिया के तहत योजना स्थल की चारदीवारी बनाई जा रही है। 

ग्रामीण विकास योजनाओं में अजमेर, बारां एवं झुन्झुनू प्रथम स्थान पर




जयपुर, 1 मार्च। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा विभाग की प्रमुख योजनाओं में राज्य के समस्त जिलों द्वारा की गई प्रगति की रैकिंग की गई है इसमें ग्रामीण विकास, पंचायती राज, मनरेगा, राजीविका, प्रधान मंत्री आवास योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन में अजमेर, बांरा एवं झुन्झुनू जिले प्रथम स्थान पर रहे हैं।

अतिरिक्त मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग श्री राजेश्वर सिंह ने बताया कि उक्त योजनाओं की प्रगति मापने के लिए 100 अंक निर्धारित किये गये थे इनमें से प्राप्तांकों के अनुसार सूचकांक एवं अंक निर्धारित कर रैंकिंग जारी की गई है। 

श्री सिंह ने बताया कि मनरेगा में 10 सूचकांक के 40 अंक, स्वच्छ भारत मिशन में 3 सूचकांक के 9 अंक, प्रधान मंत्री आवास योजना में 9 में से 18, ग्रामीण विकास में 4 में से 12, पंचायती राज में 3 में से 6 एवं राजीविका में 5 में से 15 अंक निर्धारित किये गये थे। 

उन्होंने बताया कि अजमेर, बांरा, झुन्झुनू 100 में से 51 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पर रहे हैं जबकि पाली, बीकानेर, प्रतापगढ़, करौली 100 में से 35 अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान पर एवं सीकर, दौसा, श्री गंगानगर, डूंगरपुर एवं जोधपुर जिले ने पिछले माह की तुलना में इस माह में रैंकिंग में सुधार किया है।

सिटीजन फीडबैक में डूंगरपुर का देश में पहला स्थान-

जयपुर, 07 फरवरी। जनसंख्या के आधार पर स्वच्छ छोटे शहरों में राजस्थान की नगर निकाय डूंगरपुर ने श्रेष्ठ एवं बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टॉप तीन में स्थान बनाते हुए पुरस्कार प्राप्त किया है। डूंगरपुर ने छोटे शहरों की श्रेणी में सिटीजन फीडबैक में देश में पहला स्थान पाया है। नई दिल्ली में बुधवार को राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के आतिथ्य में विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में डूंगरपुर निकाय को स्वच्छ शहर के लिए पुरस्कृत और सम्मानित किया गया। डूंगरपुर नगर परिषद के सभापति श्री के.के. गुप्ता, उप सभापति फखरूद्दीन बोहरा,आयुक्त गणेश खराड़ी सहित टीम परिषद को सम्मानित किया गया है। प्रदेश से एक मात्र डूंगरपुर निकाय स्वच्छता के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल कर पाई है। स्वच्छता महासर्वेक्षण में डूंगरपुर निकाय ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए सर्वेक्षण के नतीजों में एक लाख की आबादी वाले शहरों में डूंगरपुर ने देश में 7वां स्थान पाया है। छोटे शहरों में टॉप टेन में जगह बनाने के बाद अब डूंगरपुर निकाय और राजस्थान विश्व मानचित्र पर रोशन हो गया है। स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर ने नं. 1 पर कब्जा बरकरार रखा है। छोटे शहरों में महाराष्ट्र की निकाय दूसरे स्थान पर रही

न्यूनतम मजदूरी की दरों में 1 मई से बढ़ोतरी -

राज्य सरकार ने प्रत्येक वर्ग के लिए न्यूनतम मजदूरी की दरों में बढ़ोतरी की है। बढ़ी हुई दरें एक मई, 2019 से लागू होंगी। श्रम विभाग की ओर से इस संबंध में जारी अधिसूचना के अनुसार अब अकुशल श्रमिक को 213 रुपए के स्थान पर 225 रुपए प्रतिदिन या 5850 रुपए प्रतिमाह, अद्र्धकुशल श्रमिक को 225 रुपए के स्थान पर 237 रुपए प्रतिदिन या 6162 रुपए प्रतिमाह, कुशल श्रमिक को 237 रुपए के स्थान पर 249 रुपए प्रतिदिन या 6474 रुपए प्रतिमाह तथा उच्च कुशल श्रमिक को 287 रुपए के स्थान पर 299 रुपए प्रतिदिन या 7774 रुपए प्रतिमाह मजदूरी प्राप्त होगी। इस प्रकार प्रत्येक वर्ग को न्यूनतम मजदूरी में 312 रुपए प्रतिमाह का लाभ होगा। एक मई, 2019 से प्रस्तावित न्यूनतम मजदूरी की दरों को सितम्बर, 2017 से दिसम्बर, 2018 तक की अवधि में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में हुई वृद्धि के आधार पर तय किया गया है। न्यूनतम मजदूरी की दरों में पिछली वृद्धि 1 जनवरी, 2018 से लागू की गई थी।

एमएसएमई (फैसेलिटेशन ऑफ एस्टेबिलेशमेन्ट एण्ड ऑपरेशन) अध्यादेश, 2019‘ अधिसूचित

राज्य सरकार ने ‘सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम (फैसेलिटेशन ऑफ एस्टेबिलेशमेन्ट एण्ड ऑपरेशन) अध्यादेश, 2019‘ अधिसूचित किया है। इस अध्यादेश के प्रभावी होने के बाद एमएसएमई उद्यमियों को सरकारी दफ्तराें के चक्कर नहीं लगाने होंगे और वे सिर्फ सेल्फ डिक्लेरेशन प्रपत्र भरकर ही अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे। इतना ही नहीं, उन्हें तीन साल तक विभिन्न विभागों की स्वीकृतियों एवं निरीक्षणों सहित कई तरह की विधिक एवं प्रशासनिक जटिलताओं से मुक्ति मिल जाएगी। अध्यादेश के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर निवेश संवर्धन ब्यूरो (BIP) तथा जिला स्तर पर जिला उद्योग केंद्र नोडल एजेन्सी होंगे।

निहाल चन्द गोयल रेरा के नए चेयरमैन-

जयपुर, 6 मार्च। श्री निहाल चन्द गोयल ने बुधवार को राजस्थान रियल स्टेट रेग्यूलेटरी ऑथरिटी (Rera) के चेयरमैन का पदभार ग्रहण कर लिया।

क्या है रेरा-

Government of India has enacted the Real Estate (Regulation and Development) Act 2016 and all the provisions of the Act have came into force with effect from May 1, 2017. Under this Act, Government of Rajasthan has notified the Rules namely Rajasthan Real Estate (Regulation and Development) Rules, 2017. The State Government, vide its Order dt.17.02.2017 as designated the Additional Chief Secretary, Urban Development and Housing Department as the Real State Regulatory Authority until the establishment of a Real Estate Regulatory Authority (Rajasthan RERA). Similarly the State Government vide Notification dated 15.05.2017 has designated the Food Safety Appellate Tribunal as the Real Estate Appellate Tribunal until the establishment of Real Estate Appellate Tribunal under the Act.


श्री ओम थानवी हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति-

राज्यपाल श्री कल्याण सिंह ने श्री ओम थानवी को हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, जयपुर का प्रथम कुलपति नियुक्त किया है। श्री थानवी की यह नियुक्ति उनके कार्यग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अनधिक अवधि के लिए होगी।

उल्लेखनीय है कि देश के मूर्धन्य पत्रकारों में शामिल श्री थानवी को पत्रकारिता का लगभग चालीस साल का लंबा अनुभव है। वे 26 साल तक प्रमुख हिन्दी दैनिक जनसत्ता में पत्रकारिता कर चुके हैं। उन्होंने जनसत्ता मेंं स्थानीय सम्पादक और कार्यकारी सम्पादक के रूप में कार्य किया। श्री थानवी देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के मीडिया अध्ययन केन्द्र में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में पत्रकारिता के शिक्षण कार्य से भी जुड़े रहे हैं। वे राजस्थान पत्रिका में समूह सम्पादकीय सलाहकार के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।


प्रदेश में घरेलू जल उपभोक्ताओं को नहीं देना होगा वाटर चार्ज
3.36 करोड़ लोगों को 1 अप्रैल से मिलेगा फायदा
 


जयपुर, 8 मार्च। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घरेलू जल उपभोक्ताओं से लिया जाने वाला वाटर चार्ज समाप्त करने का निर्णय किया है। श्री गहलोत के इस फैसले से प्रदेश के 3.36 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा और उन्हें 161 करोड़ रुपये वाटर चार्ज के रूप में नहीं अदा करने होंगे। एक अप्रैल, 2019 से जारी होने वाले पानी के बिलों में यह व्यवस्था लागू होगी। मुख्यमंत्री के इस निर्णय के अनुसार ग्रामीण परियोजना क्षेत्रों एवं अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू जल उपभोेक्ताओं से 40 एलपीसीडी पानी के उपभोग तक वाटर चार्ज अब नहीं लिया जाएगा। इससे प्रदेश की करीब 2.8 करोड़ ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी। इसी प्रकार, शहरी क्षेत्रों में चालू मीटर वाले घरेलू कनेक्शन पर 15 किलो लीटर मासिक उपभोग तक वाटर चार्ज तथा वर्तमान व्यवस्था के तहत लिए जा रहे सीवरेज और विकास शुल्क अथवा सरचार्ज अब नहीं लिए जाएंगे। शहरी क्षेत्रों में जहां फ्लैट रेट बिलिंग की व्यवस्था है, वहां भी वाटर चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसका फायदा 56 लाख की शहरी आबादी को होगा। जलदाय विभाग ने शहरी क्षेत्रों में सघन अभियान चलाकर अगले 2 वर्ष में बंद पडे़ मीटर बदलने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। मीटर चालू हालत में आने के बाद ऎसे शहरी घरेलू कनेक्शनों पर भी प्रति कनेक्शन 15 किलो लीटर मासिक उपभोग तक कोई वाटर चार्ज नहीं लिया जाएगा।

राजस्थान को बर्लिन में सर्वश्रेष्ठ हेरिटेज डेस्टिनेशन का पुरस्कार 


जयपुर, 8 मार्च। बर्लिन (जर्मनी) में चल रहे अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन, आई.टी.बी. में राजस्थान पर्यटन को सर्वश्रेष्ठ हेरिटेज डेस्टिनेशन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार पेसेफिक एरिया ट्रैवल राइटर्स एसोसिएशन के बर्लिन में आयोजित वार्षिक पुरस्कार समारोह के दौरान राज्य की प्रमुख शासन सचिव, पर्यटन श्रीमती श्रेया गुहा ने प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पर्यटन द्वारा बर्लिन, जर्मनी में 6 से 10 मार्च तक चल रहे अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन में भाग लिया जा रहा है। यह सम्मेलन विश्व का सबसे बड़ा पर्यटन मेला है, जिसमें 180 देशों के प्रतिनिधियों द्वारा भाग लिया जाता है।


नारी शक्ति पुरस्कार बाड़मेर की रुमा देवी को, राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित


जयपुर 08 मार्च। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सरहदी रेगिस्तानी जिले बाड़मेर की  ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान की अध्यक्ष रुमा देवी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा राष्ट्रपति भवन में भारत में महिलाओं के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “नारी शक्ति पुरस्कार” प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ एक लाख रुपये की राशि प्रदान की गई ।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में देशभर की चुनिदा 41 महिलाओं व 3 संस्थानों को यह सम्मान प्रदान किया गया। महिला व बाल विकास मंत्रालय महिला शक्तिकरण के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाली महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नारी शक्ति पुरस्कार प्रदान करती है।

रुमा देवी ने ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान के माध्यम से बाड़मेर जिले में हस्तशिल्प का कार्य करने वाली हजारों महिला दस्तकारों को सशक्त करने का कार्य किया है। इन्होंने दूर दराज ढाणियों में जाकर लुप्त हो रही एप्लीक एंब्रोडरी कला को नवाचार के माध्यम से पुनर्जवित कर यह कार्य करने वाली हजारों महिला दस्तकारों के जीवन में खुशियों भर दी है। इन्होने इस कला को देश-विदेश के फेशन रेम्प तक पहुचा कर महिला दस्तकारों को नवीन विकल्प प्रदान किया। हजारों महिला दस्तकारों को प्रशिक्षण प्रदान कर उनके कौशल को उन्नत तकनीकी प्रदान की है, जिससे हजारों परिवार लाभान्वित हुए है। महज आठवीं तक स्कूली शिक्षा ग्रहण कर पाई रूमा देवी अपने उल्लेखनीय कार्यो के लिए कई राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कार व सम्मान पाकर अपने राज्य ओर देश का नाम रोशन कर चुकी है।

पुस्तक ‘‘100 आइडियाज टू इम्प्रूव गवर्नेंस इन इण्डिया’’ का विमोचन


जयपुर, 9 मार्च। मुख्य सचिव श्री डी बी गुप्ता ने भारत सरकार के उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद से सेवानिवृत आईएएस अधिकारी श्री जे के दादू की पुस्तक ‘‘100 आइडियाज टू इम्प्रूव गवर्नेंस इन इण्डिया’’ का विमोचन किया। इस पुस्तक के 24 अध्याय में बेहतरीन ढंग से देश की आर्थिक, धार्मिक, भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थिति का आंकलन कर वर्तमान स्वरूप के साथ व्यापार, कृषि, स्वास्थ्य, नोट बंदी, पोस मशीन, पेंशन, नकदी रहित व्यवहार, श्रमिक वर्ग कल्याण, वंचित के लिये मुफ्त शिक्षा, पर्यावरण, इज ऑफ डूईंग बिजनेस जैसे सभी विषयों में इनोवेटिव आइडियाज के माध्यम से सुशासन की परिकल्पना को मूर्त रूप दिया गया है। यह गर्व का विषय है कि श्री दादू की पुस्तक में दिये गये कुछ आइडियाज को हाल ही में केन्द्र सरकार ने अपने बजट में शामिल किया है।

राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी सौगात, मानदेय किया 7 हजार रुपए


जयपुर, 9 मार्च। लोकसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी कर उन्हें सौगात दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में वित्त विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय 7 हजार रुपए प्रतिमाह, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 5300 रुपए प्रतिमाह और आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 4000 रुपए प्रतिमाह होगा। मानदेय की बढ़ी हुई दरें एक अक्टूबर, 2018 से लागू होंगी। ध्यातव्य है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय में केन्द्र सरकार 60 और राज्य सरकार 40 फीसदी राशि वहन करते हैं।

राज्य सरकार अपने अंश की हिस्सा राशि के बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को 2400 रुपए, 1750 रुपए और 1700 रुपए अतिरिक्त राशि के रूप में प्रतिमाह दे रही है। अब इस अतिरिक्त राशि में क्रमश: 100, 50 और 50 रुपए प्रतिमाह की वृद्धि की गई है। इस निर्णय सेे राज्य सरकार पर प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।

जयपुर में 14 से 17 मार्च तक आयोजित हुआ रसोई उत्सव, 2019 


जयपुर, 9 मार्च। उद्योग विभाग द्वारा राजस्थान हाट पर 14 से 17 मार्च तक आयोजित ‘‘रसोई-2019  स्वाद राजस्थान का’’ उत्सव में राजस्थान के परंपरागत खान-पान की हाइजिनिक, पुष्टिकर्ता, सुपाच्यता और स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भी रुबरु कराया जाएगा। जाने माने सेफ समीर गुप्ता ने बताया कि राजस्थान के 150 से अधिक व्यंजन है जिनमें से अधिकांश को भुला दिया गया है। उन्होंने बताया कि चारों दिन दो-दो घंटे का कूकिंग सेशन रखकर रसोई उत्सव में वे स्वयं हिस्सा लेकर लुप्त प्रायः व्यंजनों के प्रिपरेशन की जानकारी देंगे। 

होगी व्यंजन प्रतियोगिता भी-


महिला आईटीआई की चेयरपर्सन अनिता गुप्ता ने सुझाव पर रसोई उत्सव के दौरान प्रतिदिन चार-चार कूकरी (पाक कला) प्रतियोगिताओं का भी आयोजन करना तय किया गया है। इसमें 14 को राजस्थानी ट्रेडिशनल व्यंजन, केक विदाउट एग, 15 को वैरायटीज ऑफ खीर, वैरायटीज ऑफ खिचड़ी, 16 को राजस्थानी दाल बाटी चूरमा, वेजिटेबल व फ्रूट सलाद और 17 मार्च को बच्चों का नो नाइफ नो फ्लेम फूड और शैक्स की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में प्रतिभागिता के लिए उपनिदेशक निधि शर्मा से संपर्क किया जा सकता है।

रसोई उत्सव में दौसा के डोवठा ने मारी बाजीदीपाली जैन रसोई क्विन और शौर्य पंडित बने यंग शैफ



जयपुर,17 मार्च। जल महल के सामने राजस्थान हाट पर चल रहें ‘रसोई 2019ः स्वाद राजस्थान का‘ उत्सव में परंपरागत मिठाइयों में दौसा के डोवठा ने बाजी मारी वहीं रसोई क्वीन का खिताब दीपाली जैन ने जीता और यंग शैफ में शौर्य पंडित ने बाजी मारी। उद्योग आयुक्त डॉ. के के पाठक और राजस्थान खाद्य व्यापार संघ के अध्यक्ष श्री बाबू लाल गुप्ता ने विभिन्न श्रेणियों में श्रेष्ठ स्टॉल और व्यंजन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृृत किया।

आयुक्त डॉ. पाठक ने रसोई 2019 ः स्वाद राजस्थान का उत्सव के प्रति जयपुरवासियों के जोरदार उत्साह, अपार सहभागिता और स्नेह पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक अभिनव और अनूठा उत्सव रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग ने इस उत्सव में प्रदेश के परंपरागत मिठाई-व्यंजनों के साथ ही मसाले और पात्र उपलब्ध कराने की पहल की।

डॉ. पाठक ने प्रतियोगिता के विजेताओं और प्रतिभागियों का भी आभार जताया। राजस्थान खाद्य व्यापार संघ के अध्यक्ष श्री बाबूलाल गुप्ता ने आयोजन को अद्वितीय और अद्भुत बताते हुए कहा कि औद्योगिक संघों ने उत्सव में सक्रिय भागीदारी निभाई है।

प्रतिभागियों में परंपरागत मिठाइयों की श्रेणी में दोैसा के डोवठा वाला स्वीट्स, गंगापुर के केेशव मिल्क प्रोडक्ट के खीर मोहन, जैसलमेर के चन्द्र प्रकाश व्यास के घोटवा लड्डू और चौमू के ओम प्रकाश को चौमू की बर्फी को रसोई उत्सव में सर्वाधिक बिक्री व लोकप्रियता के आधार पर पुरस्कृत किया गया। नवाचार में ‘स्पून ऑफ स्पाइसेज‘ के लहरिया गुलाब जामुन, समोसा और होमली स्नैक्स के अदरक के हलवे ने मेले में आने वालों का दिल जीत कर पुरस्कार प्राप्त किया।

चाट श्रेणी में शेखावाटी व्यंजन के कांजी बड़ा और दही बड़ा पहले स्थान पर रहे वहीं सुरेश ज्ञान विहार स्कूल ऑफ हौटल मैनेजमेंट द्वारा तैयार वेज कबाब और आपणी चाय की तंदूरी चाय पुरस्कृत हुए।

मसालों व तेल श्रेणी में मणिशंकर ऑयल्स के कबिरा तेल ने पहला स्थान प्राप्त किया वहीं ट्राईफैड, सांभर साल्ट, टच स्टोन फाउण्डेशन पुरस्कृतों में रहे। रेस्टोरेंट श्रेणी में चौखी ढ़ाणी, पहले स्थान पर तो वी2फाइन डाइनिंग और गणगौर स्वीट्स पुरस्कृत हुए।

पुरस्कार समारोह में मिसेज इण्डिया विजेता राजस्थान गौरव ट्विंकल पाटोदिया, अपूर्वा पाठक, ग्रीनटेक के अजय गुप्ता, श्यामधनी के रामावतार अग्रवाल, शैफ समीर गुप्ता, वुतिका, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में जयपुरवासी उपस्थित रहे।

व्यंजन प्रतियोगिता
रसोई उत्सव में चारों दिन आयोजित प्रतियोगिताओं में राजस्थानी ट्रेडिशनल थाली में दीपाली जैन, प्रियंका वर्मा और अनता कट्टा क्रमशः पहले दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। केक विदाउट एग में प्रीति शर्मा, शैफाली रावत, खुशबू गुप्ता, खीर प्रतियोगिता में तारा माथुर, प्रीति शर्मा और कुसुम गुप्ता पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रही। दाल, बाटी चूरमा में अनिता कट्टा, नीलम अग्रवाल और सुशीला देवी विेजेता रही। यंग शैफ में शौर्य पंडित, लक्ष्य सोनी, श्रीधिका शर्मा और आपणा टाबर में रिया माथुर, प्राजल शर्मा और सिद्धार्थ धीर पुरस्कृत हुए।

बृृज फूल होरी ने मनमोहा
रसोई 2019 उत्सव में अंतिम दिन मध्यान्ह में बृृज होरी ने दर्शकों का मन मोह लिया और समूचा राजस्थान हाट राधे राधे के जयकारों से गूंज गया। समूचा राजस्थान हाट कृृष्ण भक्ति में रम गया।

इसी के साथ चार दिवसीय रसोई उत्सव अपार उत्साह और उमंग के साथ रविवार को संपन्न हुआ।

सहकारी क्षेत्र में कमजोर वर्ग के लिये पीपीपी मॉडल पर बनाए जाएंगे आवास


जयपुर, 9 मार्च। राजस्थान राज्य सहकारी आवासन संघ प्राथमिकता से राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिये आवासों का निर्माण करेगा, इसकी शुरूआत पीपीपी मॉडल पर की जायेगी। निर्मित आवासों की समय पर सुपुदर्गी के साथ उपभोक्ता के हितों की रक्षा को सहकारी आवासन संघ सुनिश्चित करेगा। सहकारिता रजिस्ट्रार, डॉ. नीरज के. डॉ. पवन शनिवार को झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित राईसेम परिसर में आयोजित राष्ट्रीय सहकारी आवासन परिसंघ की 182वीं निदेशक मण्डल की बैठक को संबोधित करते हुए यह जानकारी देते हुए कहा कि सरकारी क्षेत्र में कच्चा बिल्डिंग मैटेरियल की आपूर्ति सहकारी आवासन संघ द्वारा की जायेगी। उन्होंने बताया कि सहकारी आवासन संघ पीपीपी मॉडल के तहत तीन आधारभूत संरचनाओं पर कार्य करेगा, जिसमें कई स्थानों पर सहकारी आवासन संघ की जमीन होगी तो कही जगह निजी भवन निर्माताओं की होगी तथा कच्चा मैटेरियल एवं भवन निर्माण तकनीक व निर्माण की जिम्मेदारी को आपसी तालमेल के साथ पूरा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आवासन संघ अलग से अपनी इंजीनियरिंग विंग तैयार कर रहा है तथा बिल्डिंग मैटेरियल को स्टोर करने के लिये यार्ड भी बनाया जायेगा। 

वर्तमान में आवासन संघ द्वारा 1021 फ्लेट/मकान बनाकर आमजन को उपलब्ध कराये हैं और 35 हजार सदस्यों को सस्ती दरों पर आवास ऋण दिये हैं। उन्होंने कहा कि संघ रिनोवेशन के लिये 5 लाख रुपये तक का ऋण बिना मोरगेज के उपलब्ध करा रहा है, जो सदस्यों के बहुत लाभकारी है। उन्होंने कहा कि संघ द्वारा मार्बल, ग्रेनाइट का व्यापार शुरू कर दिया गया है और देश के अन्य आवासन संघों से तालमेल बिठाकर कम दरों पर आमजन को सहकार की भावना से बिना लाभ हानि के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री उपलब्ध कराई जायेगी।

महिला दिवस पर दिए गए महिला शक्ति पुरस्कार व राज्य स्तरीय अन्य पुरस्कार


जयपुर, 8 मार्च। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य कृषि प्रबन्ध संस्थान, दुर्गापुरा के सभागार जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती ममता भूपेश द्वारा विभिन्न श्रेणियों में राज्यभर से चुनी गई महिलाओं को पुरस्कृत किया गया। 

महिला शक्ति पुरस्कार कुसुमलता जैन को-


इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए समारोह के दौरान राज्य स्तरीय महिला शक्ति पुरस्कार इस वर्ष श्रीमती कुसुमलता जैन को प्रदान किया गया। पुरस्कार स्वरूप 51,000/-रूपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

8 महिलाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कार


इसके अतिरिक्त राज्य स्तर पर पहली बार खेलकूद, संगीत आदि विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली राज्य की विभिन्न जिलों की 8 महिलाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किये गए, ये महिलाएं निम्नांकित है-

1. आशा झांझडिया (झुन्झुनू), 
2. अंजली शर्मा (पाली), 
3. शबाना डागर (जयपुर), 
4. चारू गुप्ता (जयपुर), 
5. कमलेश बैरवा (टोंक) 
6. मंजू लाटा (सीकर), 
7. शालिनी पाठक (जयपुर) तथा 
8. रूपा यादव (जयपुर)

7 महिलाओं को साथिन एवं 3 महिलाओं को यशोदा पुरस्कार


प्रत्येक संभाग से श्रेष्ठ कार्य करने वाली साथिन का चयन कर, उन्हें भी राज्य स्तर पर पुरूस्कृत किया गया। जिनमें भीलवाडा जिले की बंसंती गुर्जर, सवाई माधोपुर की मंजू वैेष्णव, बून्दी की कल्पना शर्मा, जैसलमेर की गीता बैरवा, उदयपुर की ममता सुथार, हनुमानगढ की मैना देवी एवं झुन्झुनू की संतोष देवी को उल्लेखनीय कार्य के लिए श्रेष्ठ साथिन के रूप में सम्मानित किया गया। सामूहिक विवाह आयोजन में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कोटा की गैर सरकारी संस्था पंचायत अंसारियान समिति को भी पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त समेकित बाल विकास सेवा के तहत् श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली आंगनवाडी कार्यकर्ता कान्ता देवी, आशा सहयोगिनी गायत्री शर्मा एवं सहायिका प्रेम मीना को भी सम्मानित किया गया। 


नौबतबाजा रेडियो चैनल भी हुआ लांच-
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योजनाओं की जानकारी एवं बाल विवाह की रोकथाम हेतु यूएनएफपीए के सहयोग से इन्टरनेट आधारित रेडियो चैनल नौबतबाजा की भी लॉन्चिंग की गयी। समारोह के दौरान पोषण पखवाडे का शुभारंभ किया गया तथा बेटी बचाओ बेटी पढाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना एवं पोषण अभियान आदि के पोस्टर एवं ब्रोशर का विमोचन किया गया तथा योजनाओं की प्रदर्शनी भी समारोह स्थल पर लगाई गयी।


बाड़मेर रिफाइनरी कम पेट्रोकेमिकल परियोजना की स्थापना एवं संचालन के लिए हुआ एग्रीमेंट


जयपुर, 8 मार्च। प्रदेश के बाड़मेर जिले में देश की सबसे बड़ी 9 एम.एम.टी.पी.ए. क्षमता की रिफाइनरी कम पेट्रोकेमिकल परियोजना की स्थापना व संचालन हेतु राज्य सरकार एवं एच.पी.सी.एल. तथा संयुक्त उपक्रम राजस्थान रिफाइनरी कम्पनी के मध्य महत्वपूर्ण स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट (एस.एस.ए.) पर हस्ताक्षर हुए। इस एग्रीमेंट में राज्य सरकार परियोजना की कुल लागत 43,129 करोड रूपये होगी, जिसे संयुक्त उपक्रम एच.पी.सी.एल के 74 प्रतिशत व राजस्थान सरकार 26 प्रतिशत अंश पूंजी से पूर्ण किया जायेगा।  राज्य सरकार इसके लिए 4567.62 एकड़ भूमि पचपदरा में रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स, टाउनशिप के लिए तथा 97.09 एकड़ भूमि नाचना में वाटर रिजर्वोयर तथा पम्पिग स्टेशन के लिए उपलब्ध करायेगी। पचपदरा में ही रिफाइनरी कॉम्पलेक्स से लगती हुई 250 एकड़ भूमि राज्य सरकार द्वारा एच.पी.सी.एल को रिफाइनरी उत्पादों के मार्केटिंग टर्मिनल निर्माण हेतु उपलब्ध कराई जायेगी जिसकी लागत भी एच.पी.सी.एल द्वारा ही वहन की जायेगी। 

राज्य सरकार द्वारा परियोजना संबंधी सभी स्वीकृतियॉ इत्यादि प्राप्त करने में पूर्ण सहयोग प्रदान किया जायेगा। इस महत्वपूर्ण सपोर्ट एग्रीमेंट पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान एवं पेट्रोलियम) श्री सुदर्शन सेठी, राजस्थान रिफाइनरी कम्पनी के सी.ई.ओ. श्री शेखर पी. गायकवाड़ तथा एच.पी.सी.एल के डीजीएम श्री मनोज गोयल द्वारा हस्ताक्षर किये गये। 

अब लोकायुक्त का कार्यकाल 5 वर्ष होगा, राज्यपाल ने अध्यादेश को दी मंजूरी


जयपुर, 7 मार्च। राजस्थान के लोकायुक्त का कार्यकाल अब 8 वर्ष के स्थान पर 5 वर्ष होगा। इसके लिए राज्य सरकार ने राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त (संशोधन) अध्यादेश, 2019 (2019 का अध्यादेश संख्यांक 2) अधिसूचित किया है। जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यपाल श्री कल्याण सिंह ने इस अध्यादेश को मंजूरी प्रदान कर दी है। अध्यादेश के माध्यम से राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 की धारा 5 की उप धारा 1 को संशोधित कर लोकायुक्त का कार्यकाल 8 वर्ष के स्थान पर 5 वर्ष किया गया है। यह अध्यादेश तुरन्त प्रभाव से लागू होगा। राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त (संशोधन) अध्यादेश, 2019 (2019 का अध्यादेश संख्यांक 2) के प्रारम्भ पर पद धारण कर रहे लोकायुक्त द्वारा, ऎसे प्रारम्भ से वह पद छोड़ा हुआ समझा जाएगा। 


पोकरण: 120 किमी तक मारने की क्षमता रखने वाली पिनाका मिसाइल का सफल परीक्षण-



पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में 12 मार्च 2019 को डीआरडीओ ने देश में विकसित की गई पिनाका मिसाइल के तीसरे व एडवांस वर्जन का सफल परीक्षण किया। इससे पहले 12 मार्च 2019 को दो और टेस्ट किए गए थे। पिनाका मिसाइल में पहली बार एडवांस नेवीगेशन व कंट्रोल सिस्टम लगाया गया। इनकी सहायता से अब यह अपने लक्ष्य को पहचान कर एकदम सटीक प्रहार करने में सक्षम हो गई है। परीक्षण में यह अपने दोनों नए मानकों पर एकदम खरी उतरी। डीआरडीओ की ओर से बताया गया कि इस परीक्षण में पिनाका मिसाइल ने अपने लक्ष्य पर पहले से निर्धारित मानक के अनुरूप प्रहार कर उसे ध्वस्त कर दिया। टेलीमीटरी सिस्टम के माध्यम से पिनाका मिसाइल का दागने के बाद से पूरी नजर रखी गई। इस दौरान उसे लक्ष्य तक पहुंचने के रास्ते की गति और घुमाव को परखा गया। डीआरडीओ की तरफ से कहा गया कि आशा के अनुरूप ही इसने अपना रास्ता तय कर लक्ष्य पर प्रहार किया। इस प्रकार सभी मानकों पर यह एकदम सही रही। इस मिसाइल के पहले दो वर्जन की मारक क्षमता 40 व 75 किमी. थी। इस तीसरे वर्जन की क्षमता 120 किमी. की गई है।

पिनाकी चंद्र घोष को देश के प्रथम लोकपाल नियुक्‍त -


उच्‍चतम न्‍यायालय के पूर्व न्‍यायाधीश पिनाकी चंद्र घोष को देश का पहला लोकपाल नियुक्‍त किया गया है। राष्‍ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति के अनुसार राष्‍ट्रपति राम नाथ कोविंद ने लोकपाल संस्‍था के अध्‍यक्ष के साथ अन्‍य सदस्‍यों की भी नियुक्ति की है।

हमारे संवाददाता के अनुसार “66 वर्ष के न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष मई 2017 में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश पद से सेवा निवृत्त हुए थे। वे 29 जून 2017 से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य हैं। लोकपाल संस्‍था में चार न्‍यायिक और चार अन्‍य सदस्‍य होंगे। पूर्व मुख्‍य न्‍यायाधीश दिलीप बी भोसले, प्रदीप कुमार मोहंती और अभिलाषा कुमारी तथा छत्‍तीसगढ़ उच्‍च न्‍यायालय के वर्तमान मुख्‍य न्‍यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी को न्‍यायिक सदस्‍य नियुक्‍त किया गया है। लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम में केंद्र में एक लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति का प्रावधान है। इसे लोकसेवकों की विभिन्न श्रेणियों में भ्रष्टाचार के मामलों की निगरानी का अधिकार दिया गया है। यह अधिनियम 2013 में पारित किया गया था।”


37वाँ महाराणा मेवाड़ फाउण्डेशन अलकंरण


  • महाराणा मेवाड़ फाउण्डेशन का 37 वाँ वार्षिक सम्मान समारोह 10 मार्च,2019 को उदयपुर के सिटी पैलेस में सम्पन्न हुआ।
  • इसमें कला,साहित्य,संस्कृति,शिक्षा,समाज सेवा,आदि के क्षेत्र में अनूठे काम करने वाली अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय हस्तियों को विभिन्न अलंकरणों से नवाजा गया।


  1. कर्नल जेम्स टाॅड अलकंरण (अंतर्राष्ट्रीय) रू. 1,11,001 -  डाॅ. पाॅल टी. क्रैडाॅक को (मेवाड़ की चित्रकारी पर शोध एवं लेखन के लिए)

  2. हकीम खां सूर सम्मान (राष्ट्रीय) (रू.51,001) - गायक सुरेश वाडेकर को (कौमी एकता, राष्ट्रीय अखण्डता, देशप्रेम एवं साम्प्रदायिक सद्भाव)

  3. हल्दीघाटी पुरस्कार (रू.51,001) - स्वाति चतुर्वेदी  को (गंभीर पत्रकारिता तथा साम्प्रदायिक सौहार्द्र के लिए)

  4. पन्नाधाय अंलकरण (रू.51,001) -  सपन देबबर्मा और सुमा देबबर्मा को (त्याग एवं बलिदान के लिए)

  5. महाराणा उदयसिंह सम्मान (रू.51,001) - गीता शेषमणि और कार्तिक सत्यनारायण को (पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन के उल्लेखनीय कार्य के लिए)

  6. महाराणा सज्जनसिंह सम्मान (राज्य स्तरीय) (रू. 25,001)- जमना लाल कुम्हार (ललित कला के क्षेत्र में )

  7. महाराणा पूंजा सम्मान (रु. 25,001) - झालम चन्द अंगारी (मेवाड़ आदिवासी समाज के उत्थान हेतु )

  8. महाराणा कुम्भा सम्मान - इतिहासकार डाॅ. गिरिश नाथ माथुर और डाॅ. जितेन्द्र कुमार सिंह ‘संजय’ को (इतिहास लेखन क्षेत्र में )

  9. अरावली सम्मान (रू. 25,001)- संदीप सिंह मान (खेल के क्षेत्र में पैरा एथलेटिक )

  10. मेवाड़ फाउण्डेशन का विशेष अलकंरण (रु. 25,001) - समाज में शैक्षिक, नैतिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए पुलिस थाना मकबरा, कोटा शहर को

  11. डागर घराना-सम्मान (रु. 25,001) - संगीत क्षेत्र में रूद्र वीणा वादक उस्ताद बहुद्दीन डागर

  12. महर्षि हारीत ऋषि सम्मान (रु. 25,001) - डाॅ. हेमन्त कृष्ण मिश्र एवं डाॅ. नरोत्तम पुजारी को (ज्योतिष, वेद एवं कर्मकाण्ड क्षेत्र में ) 

    13. महाराणा मेवाड़ सम्मान - मालिनी अवस्थी को (शिक्षा एवं साहित्य द्वारा लोककला एवं जीवित विरासत के संरक्षण के लिए)

37वाँ महाराणा मेवाड़ फाउण्डेशन अलकंरण


  • महाराणा मेवाड़ फाउण्डेशन का 37 वाँ वार्षिक सम्मान समारोह 10 मार्च,2019 को उदयपुर के सिटी पैलेस में सम्पन्न हुआ।
  • इसमें कला,साहित्य,संस्कृति,शिक्षा,समाज सेवा,आदि के क्षेत्र में अनूठे काम करने वाली अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय हस्तियों को विभिन्न अलंकरणों से नवाजा गया।


  1. कर्नल जेम्स टाॅड अलकंरण (अंतर्राष्ट्रीय) रू. 1,11,001 -  डाॅ. पाॅल टी. क्रैडाॅक को (मेवाड़ की चित्रकारी पर शोध एवं लेखन के लिए)

  2. हकीम खां सूर सम्मान (राष्ट्रीय) (रू.51,001) - गायक सुरेश वाडेकर को (कौमी एकता, राष्ट्रीय अखण्डता, देशप्रेम एवं साम्प्रदायिक सद्भाव)

  3. हल्दीघाटी पुरस्कार (रू.51,001) - स्वाति चतुर्वेदी  को (गंभीर पत्रकारिता तथा साम्प्रदायिक सौहार्द्र के लिए)

  4. पन्नाधाय अंलकरण (रू.51,001) -  सपन देबबर्मा और सुमा देबबर्मा को (त्याग एवं बलिदान के लिए)

  5. महाराणा उदयसिंह सम्मान (रू.51,001) - गीता शेषमणि और कार्तिक सत्यनारायण को (पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन के उल्लेखनीय कार्य के लिए)

  6. महाराणा सज्जनसिंह सम्मान (राज्य स्तरीय) (रू. 25,001)- जमना लाल कुम्हार (ललित कला के क्षेत्र में )

  7. महाराणा पूंजा सम्मान (रु. 25,001) - झालम चन्द अंगारी (मेवाड़ आदिवासी समाज के उत्थान हेतु )

  8. महाराणा कुम्भा सम्मान - इतिहासकार डाॅ. गिरिश नाथ माथुर और डाॅ. जितेन्द्र कुमार सिंह ‘संजय’ को (इतिहास लेखन क्षेत्र में )

  9. अरावली सम्मान (रू. 25,001)- संदीप सिंह मान (खेल के क्षेत्र में पैरा एथलेटिक )

  10. मेवाड़ फाउण्डेशन का विशेष अलकंरण (रु. 25,001) - समाज में शैक्षिक, नैतिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए पुलिस थाना मकबरा, कोटा शहर को

  11. डागर घराना-सम्मान (रु. 25,001) - संगीत क्षेत्र में रूद्र वीणा वादक उस्ताद बहुद्दीन डागर

  12. महर्षि हारीत ऋषि सम्मान (रु. 25,001) - डाॅ. हेमन्त कृष्ण मिश्र एवं डाॅ. नरोत्तम पुजारी को (ज्योतिष, वेद एवं कर्मकाण्ड क्षेत्र में ) 

    13. महाराणा मेवाड़ सम्मान - मालिनी अवस्थी को (शिक्षा एवं साहित्य द्वारा लोककला एवं जीवित विरासत के संरक्षण के लिए)


1 टिप्पणियाँ:

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